असम के तिनसुकिया जिले के काकपथार स्थित चेंगेलीजान साधनी समन्वय क्षेत्र में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम के साथ ‘वीरांगना साधनी दिवस’ और ‘बोहागी उत्सव’ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन तिनसुकिया जिला चूतिया छात्र संघ, तिनसुकिया जिला चूतिया जाति सम्मेलन और चूतिया समुदाय के अन्य संगठनों द्वारा किया गया। इस उत्सव में चेंगेलीजान महिला समिति, चेंगेलीजान युवक संघ और स्थानीय जनता ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
21 और 22 अप्रैल को आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत स्कूली छात्रों के बीच चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं से हुई। इसके पश्चात “ऐतिहासिक महिला व्यक्तित्व के रूप में वीरांगना साधनी और समकालीन संदर्भ में समीक्षा की प्रासंगिकता” विषय पर एक विचार गोष्ठी (संगोष्ठी) आयोजित की गई, जिसमें कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए। शाम को घरों और मुख्य मंच पर दीप प्रज्वलन के बाद बच्चों द्वारा “वीरांगना साधनी” नाटक का मंचन किया गया।
उत्सव के दूसरे और अंतिम दिन की शुरुआत पर्यावरण स्वच्छता अभियान के साथ हुई। दिन भर पारंपरिक पीठा-पना प्रतियोगिता, ढोल वादन, बिहू नाम, बिहू नृत्य और बिहुवती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में आमंत्रित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इन दो दिनों के कार्यक्रमों में चूतिया समुदाय के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ-साथ जिले और राज्य के कई विशिष्ट व्यक्ति और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



