असम की सबसे प्राचीन जनजातियों में से एक और अपनी समृद्ध सभ्यता-संस्कृति के लिए विख्यात मराण समुदाय का पारंपरिक ‘मराण बिहु’ आगामी 8 मई (शुक्रवार) से शुरू होने जा रहा है। तिनसुकिया जिले के माकुम स्थित ऐतिहासिक रजनी कांत बोरदोलोई खेल मैदान में आयोजित होने वाले इस उत्सव के लिए तैयारियाँ अब अपने अंतिम चरण में हैं।
तीन दिनों तक चलने वाले इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन ‘ऑल असम मराण छात्र संघ’ (AAMSU), ‘ऑल असम मराण महिला समिति’, ‘मराण सभा’ और मराण समुदाय के विभिन्न राष्ट्रीय संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मराण संस्कृति, लोक परंपराओं और उनकी अद्वितीय विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना है।
आयोजन समिति ने इस सांस्कृतिक महाकुंभ में जाति, धर्म और वर्ण के भेदभाव से परे हटकर सभी वर्गों के लोगों से सहयोग की अपील की है। समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि यह आयोजन न केवल मराण समुदाय की एकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि असम की साझा संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करेगा।



