शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के उद्देश्य से ऊर्जा फाउंडेशन एवं असम दृष्टि न्यूज़ की ओर से विभिन्न जलमग्न एवं दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री का सफलतापूर्वक वितरण किया गया। इस अभियान के दौरान टीम उन गांवों तक भी पहुंचने में सफल रही, जहां कई दिनों से भारी जलभराव के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन बना हुआ था। वहां जरूरतमंद परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
इस राहत अभियान के अंतर्गत लगभग ₹2.50 लाख मूल्य की राहत सामग्री बांटी गई। इस मानवीय पहल को सफल बनाने में शिवसागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोइनुल इस्लाम, जय माता दी ग्रुप (SPS पार्सल), नेशनल स्मॉल सेविंग्स एजेंट्स एसोसिएशन इंडिया तथा तिनसुकिया स्पोर्ट्स क्लब एंड कल्चरल फाउंडेशन का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
राहत वितरण के दौरान मानवीय संवेदनाओं के कई प्रेरक दृश्य भी देखने को मिले। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा था, वहां की महिलाओं ने राहत सामग्री लेकर पहुंचे सहभागियों का शरबत पिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। आपदा की इस कठिन घड़ी में स्थानीय लोगों का यह अपनापन और सम्मान सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायक रहा।
इस अभियान को सफल बनाने में तिनसुकिया के कई सहभागियों, सहयोगियों और दानदाताओं ने खुलकर योगदान दिया, जिसकी बदौलत राहत सामग्री सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सकी। ऊर्जा फाउंडेशन एवं असम दृष्टि न्यूज़ परिवार ने सभी सहयोगियों के प्रति अपना हृदय से आभार व्यक्त किया है।
इस सेवा अभियान का कुशल नेतृत्व ऊर्जा फाउंडेशन के अध्यक्ष सूर्ज्य भट्टाचार्य, सचिव संतोष श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष अर्जुन मिश्रा तथा सदस्य प्रकाश सेनगुप्ता, मानव वैश्य, विजय झा, प्रणब बरुआ, रविंद्र गुप्ता, रोशन भारद्वाज, राम इकबाल पटेल, पिंटू साह, कृष्ण गुप्ता, सुप्रीत विश्वास, विवेक मिश्रा, प्रसून मजूमदार, इंद्रपाल सिंह, विकास घाटोवार, संजीव चक्रवर्ती, मिंकु महतो, चंदन महतो, जितेंद्र शाह तथा विश्वजीत गुप्ता ने पूरे समर्पण के साथ किया। सभी के सामूहिक प्रयासों से राहत सामग्री सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पीड़ितों तक पहुंचाई जा सकी।
ऊर्जा फाउंडेशन एवं असम दृष्टि न्यूज़ ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों, संस्थाओं और दानदाताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वास जताया कि समाज के सहयोग से भविष्य में भी जरूरतमंदों की सेवा का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।



