ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले में डूमडूमा कॉलेज के एक छात्रावास में अस्थायी रूप से संचालित ‘बीर राघव मोराण सरकारी आदर्श महाविद्यालय’ के हरियाली से भरे प्राकृतिक वातावरण में दुर्लभ धनेश (हॉर्नबिल) पक्षियों का आगमन हुआ है। कॉलेज परिसर के हरे-भरे पेड़ों के बीच इन खूबसूरत पक्षियों की मौजूदगी ने प्रकृति प्रेमियों को अत्यधिक आनंदित कर दिया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरजीत सैकिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में पहले कभी धनेश पक्षी नहीं देखे गए थे। हाल ही में ऊपरी असम के तीन जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के तुरंत बाद इन पक्षियों ने कॉलेज परिसर में विचरण करना शुरू किया है। इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जान बचाकर आश्रय की तलाश में इन दुर्लभ पक्षियों ने इस परिसर को अपना ठिकाना बनाया है।
प्राचार्य डॉ. अमरजीत सैकिया के अनुसार, प्रतिदिन कॉलेज परिसर स्थित पेड़ों पर 6 से 7 धनेश पक्षी देखे जा रहे हैं। पारिस्थितिक दृष्टिकोण से इतने दुर्लभ पक्षियों की नियमित उपस्थिति को स्थानीय प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरणविदों ने डूमडूमा क्षेत्र के लिए एक बेहद शुभ और सकारात्मक संकेत माना है।



