डिवरुगढ़ विश्वविद्यालय के बी.एड. (B.Ed.) पाठ्यक्रम में सीटों के आवंटन के नाम पर अवैध रूप से धन वसूलने के आरोपों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर का माहौल गरमा गया है। इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच और इसमें संलिप्त सभी दोषियों की गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी सजा देने की मांग को लेकर आज डिवरुगढ़ विश्वविद्यालय ‘आसू’ (AASU) इकाई ने दो घंटे का मौन व अवांछित अड़चन रहित ‘अवस्थान विक्षोभ’ (धरना प्रदर्शन) कार्यक्रम आयोजित किया।
विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार ‘ज्योति बाटचरा’ के समक्ष आज सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) की विश्वविद्यालय इकाई ने यह धरना प्रदर्शन किया। छात्र संगठन का आरोप है कि बी.एड. सीटों के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों का एक गिरोह अवैध वसूली में लिप्त है। ‘आसू’ ने मांग की है कि इस पूरे मामले के पीछे शामिल सभी चेहरों को बेनकाब कर कानून के दायरे में लाया जाए, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से विश्वविद्यालय की गरिमा और उच्च शिक्षा की पारदर्शिता को गंभीर ठेस पहुंची है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले की जांच के तहत डिवरुगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डिवरुगढ़ विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर छात्र एकता सभा (PGSU) के उपाध्यक्ष माधुर्य चेतिया को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, ‘आसू’ का स्पष्ट कहना है कि केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं हो जाती। इस गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
धरने पर बैठे ‘आसू’ के छात्र नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई और सभी दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आने वाले दिनों में संगठन पूरे राज्य में और अधिक उग्र व लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा।



