असम के तिनसुकिया जिले के अंतर्गत ‘चाय नगरी’ के रूप में प्रसिद्ध डूमडूमा में आज आदिवासी समाज के पारंपरिक परिधानों की एक विशेष दुकान (विपणी) का भव्य उद्घाटन किया गया। ‘जोहार असम’ नाम के इस स्टोर का औपचारिक उद्घाटन डूमडूमा नगर पालिका की अध्यक्ष कांता भट्टाचार्य द्वारा किया गया। यह पहल स्थानीय आदिवासी संस्कृति और वस्त्रों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
यह अनूठा स्टोर डूमडूमा के सुक्रेतिंग की निवासी ज्योति तिर्की नाम की एक आदिवासी महिला द्वारा शुरू किया गया है। ज्योति ने डूमडूमा क्षेत्रीय छात्र संघ (AASU) के कार्यालय भवन का एक कमरा किराए पर लेकर इस स्टोर की स्थापना की है, जिसे आज से आम जनता और विशेषकर आदिवासी समुदाय के लिए खोल दिया गया है। इस स्टोर में समुदाय के पारंपरिक और सांस्कृतिक पहनावे उपलब्ध होंगे।
स्टोर का उद्घाटन करते हुए डूमडूमा नगर पालिका की अध्यक्ष कांता भट्टाचार्य ने उद्यमी ज्योति तिर्की के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “एक कली, दो पत्तियों के हरे-भरे चाय बागानों से घिरे डूमडूमा शहर में आदिवासी समाज के पारंपरिक पहनावे की इस दुकान के खुलने से क्षेत्र के आदिवासी समुदाय को काफी लाभ होगा और उन्हें अपने पारंपरिक परिधानों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।”
इस उद्घाटन समारोह में डूमडूमा क्षेत्रीय छात्र संघ के महासचिव समुज्ज्वल बोरा सोनोवाल, ‘आओपा’ (AOWPA) की अध्यक्षा रेश्मा ओरांव सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने ज्योति तिर्की की इस आत्मनिर्भर पहल की सराहना करते हुए स्टोर की सफलता की कामना की।


