पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के 2 नंबर नवाईबिल क्षेत्र में हुई एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे इलाके में तीव्र सनसनी और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। इस कथित बहू हत्याकांड को लेकर विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से कार्बी आंगलोंग हिंदी भाषी छात्र संस्था तथा कार्बी आंगलोंग हिंदी भाषी संस्था ने पुलिस-प्रशासन से घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले रविवार से लापता मीना कुमारी चौहान का शव सोमवार को दैयांग नदी के किनारे से बरामद किया गया था। शव मिलने के पश्चात मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मीना को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंक दिया गया। पीड़िता के परिवार की तहरीर पर पुलिस ने पति रविन्द्र चौहान, लाल चंद चौहान, बलिन चौहान, सत्यनारायण चौहान, बिगन चौहान, डिगिरी चौहान और लीलावती देवी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति रविन्द्र चौहान को हिरासत में ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल 2026 को खेरनी के 2 नंबर चेरा पाथर निवासी रामाशंकर चौहान की पुत्री मीना कुमारी चौहान का विवाह 2 नंबर नवाईबिल के लाल चंद चौहान के पुत्र रविन्द्र चौहान के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ था। परिवार का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज और अन्य कारणों को लेकर मीना को लगातार शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जा रही थीं, जिसका अंत इस दुखद घटना के रूप में हुआ।
इस जघन्य मामले को लेकर नवाईबिल क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और हिंदी भाषी संगठनों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि कोई भी दोषी किसी प्रभाव या दबाव के चलते बच न निकले। स्थानीय प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया है कि जब तक मृतका को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत छानबीन में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


