असम के पाटकाई गेट पर आज उस समय भारी तनाव फैल गया, जब हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण ‘खून देंगे, जमीन नहीं’ के गगनभेदी नारों के साथ सड़कों पर उतर आए। दरअसल, बाढ़ से तबाह हुए लाइका (Laika) के निवासियों को फनेंग-केनिया (Phaneng-Keniya) क्षेत्र में बसाने के सरकार के कथित मनमाने फैसले के विरोध में आज ग्रामीणों ने चक्का जाम कर तीव्र प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि लाइका के बाढ़ पीड़ितों को फनेंग-केनिया में पुनर्वासित करने के सरकारी फैसले के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इसके बाद कुछ समय के लिए सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर मौन रहे। लेकिन जैसे ही प्रशासन ने इस क्षेत्र में दोबारा लोगों को बसाने की प्रक्रिया शुरू की, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा।
आज ‘वृहत्तर फनेंग, केनिया, बालीजान गांव भूमि सुरक्षा समिति’ (Greater Phaneng, Keniya, Balijan Gaon Bhumi Suraksha Samiti) के नेतृत्व में एक विशाल विरोध रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर फनेंग, केनिया और बालीजान गांव के आस-पास के इलाकों में लाइका के बाढ़ पीड़ितों को बसने नहीं देंगे।
आक्रोशित जनता ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जनता के विरोध को नजरअंदाज कर अपनी हठधर्मिता जारी रखी, तो आने वाले दिनों में किसी भी अप्रिय या उग्र स्थिति के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा।



