असम के तिनसुकिया जिले में डूमडूमा वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले दुआरमारा बालीजान गांव में बीते 7 जुलाई को एक जंगली हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि हाथी की मौत बिजली का करंट लगने (विद्युत स्पर्शाघात) के कारण हुई थी।
वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निवासी लेहुक पातर ने जंगली हाथियों को भगाने के उद्देश्य से अपने घर के पास अवैध रूप से बिजली के नंगे तार बिछा रखे थे। जंगल से निकलकर आया वन्यजीव इसी अवैध बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
उल्लेखनीय है कि आरोपी लेहुक पातर का घर अपर दिहिंग आरक्षित वन (Upper Dihing Reserved Forest) के बिल्कुल करीब स्थित है, जहां अक्सर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। घटना की पुष्टि होने के बाद, वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।
वन विभाग ने आरोपी लेहुक पातर के खिलाफ ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ की धारा 9, 39, 50 और 51 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। विभाग द्वारा आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



