असम की समृद्ध सभ्यता और प्राचीन संस्कृति के संवाहक मराण समुदाय द्वारा आयोजित होने वाले ‘मराण बिहू समारोह – 2026’ की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू हो गई हैं। आगामी 8, 9 और 10 मई 2026 को मकुम के रजनी कांत बरदलै खेल मैदान में आयोजित होने वाले इस त्रि-दिवसीय कार्यक्रम के लिए आज पारंपरिक ‘घाईखुटा’ (मुख्य स्तंभ) की स्थापना की गई।
स्तंभ स्थापना का यह कार्यक्रम पूरी तरह से आध्यात्मिक और मराण रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। श्री श्री टिपुक मायामरा बरडिराक सत्र के सत्राधिकार प्रभु ने गायन-बायन, बिहू गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों के बीच औपचारिक रूप से इस घाईखुटा को स्थापित किया। इस दौरान वातावरण मराण संस्कृति के अनूठे रंग और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से सराबोर रहा।
उल्लेखनीय है कि मकुम में इस समारोह का आयोजन पहली बार वर्ष 2006 में मराण छात्र संस्था और समुदाय के अन्य सभी संगठनों के सहयोग से किया गया था। यह भव्य सांस्कृतिक समागम हर 5 साल के अंतराल पर आयोजित किया जाता है, जिसमें मराण जनजाति की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।


