असम के तिनसुकिया जिले के अंतर्गत काकपथार क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। भारत सरकार के डोनर मंत्रालय (DoNER) के अधीन ‘उत्तर-पूर्वी परिषद’ (NEC) और ‘उत्तर-पूर्व केन एंड बैंबू डेवलपमेंट काउंसिल’ (NECBDC) ने काकपथार के बरमैथोंग स्थित ‘अन्वेषण फाउंडेशन’ को विशेष मंजूरी प्रदान की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बांस और बेंत आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण आय में वृद्धि करना है।
इस अवसर पर NECBDC और उत्तर-पूर्वी परिषद के पर्यवेक्षकों ने स्थानीय कारीगरों का मार्गदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि काकपथार के बांस और बेंत से निर्मित कलाकृतियों को न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाएगा, बल्कि इन्हें ‘फ्लिपकार्ट’ (Flipkart) और ‘अमेजन’ (Amazon) जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी और कारीगरों का मुनाफा बढ़ेगा।
इसी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और कौशल विकास के तालमेल को मजबूत करने के लिए ‘वीर राघव मोरन सरकारी आदर्श महाविद्यालय’ और ‘अन्वेषण फाउंडेशन’ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



