सेंगेंटा इंडिया द्वारा डूमडूमा में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन; चाय बागानों में रसायनों के सुरक्षित उपयोग और स्वास्थ्य सावधानियों पर दिया जोर
चाय बागानों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले विश्व प्रसिद्ध कृषि-रसायन ब्रांड ‘सेंगेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Syngenta India Private Limited) द्वारा बीती रात डूमडूमा में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चाय बागानों में रसायनों (केमिकल्स) के छिड़काव के दौरान स्वास्थ्य के प्रति बरती जाने वाली सावधानियों और बेहतर उत्पादकता सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा करना था।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि कई चाय बागान प्रबंधक चाय बोर्ड (Tea Board of India) द्वारा प्रतिबंधित या गैर-अनुमोदित रसायनों का उपयोग कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों ने विस्तार से समझाया कि कैसे ये अनधिकृत रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही, रासायनिक खादों और कीटनाशकों के सही तथा सुरक्षित उपयोग से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
डूमडूमा क्षेत्र के लगभग सभी चाय कारखानों (टी फैक्ट्रियों) के संचालकों, प्रबंधकों और सह-प्रबंधकों ने इस प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेंगेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उत्तर-पूर्व के मुख्य प्रबंधक, उत्तर-पूर्व बंगाल के मुख्य व्यवसाय प्रबंधक (मिस्टर कलिता) और डिब्रूगढ़-तिनसुकिया क्षेत्र के अधिकारी हिरण्मय भट्टाचार्य सहित कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।
कंपनी के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सेंगेंटा का उद्देश्य केवल रसायनों की बिक्री करना नहीं है, बल्कि वह चाय बागान श्रमिकों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। अधिकारियों ने सुरक्षात्मक उपकरणों (PPE किट) के उपयोग और सही मात्रा में रसायनों के छिड़काव की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।



