डिब्रूगढ़ के नव-निर्मित बोगीबिल नदी बंदरगाह (IWAI बोगीबिल टर्मिनल) से आज एक नए और ऐतिहासिक युग की शुरुआत हो रही है। आजादी के बाद पहली बार डिब्रूगढ़ से विदेश के लिए मालवाहक जहाज का संचालन शुरू किया गया है। आज दिन के 11 बजे मेथनॉल लेकर पहली कार्गो जहाज बांग्लादेश के ढाका स्थित पंगागांव बंदरगाह के लिए रवाना होगी। इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल बोगीबिल बंदरगाह पर फ्लैग ऑफ के जरिए हरी झंडी दिखाकर करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भी इस वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आज रवाना होने वाली इस पहली जहाज का नाम ‘पाटकाई’ रखा गया है। यह जहाज 27 कंटेनरों में कुल 540 टन मेथनॉल लेकर बांग्लादेश के लिए प्रस्थान करेगी। ए पी एल (APL) द्वारा उत्पादित कुल 1080 टन मेथनॉल लेकर दो जहाज बांग्लादेश पहुंचेंगी, जिसमें से आज पहली जहाज रवाना हो रही है और दूसरी जहाज भी अगले एक-दो दिनों के भीतर रवाना होगी। यह मालवाहक जहाज लगभग 7 दिनों में 783 किलोमीटर के जलमार्ग को तय कर बांग्लादेश पहुंचेगी।
इतिहास के पन्नों को पलटें तो ब्रिटिश शासनकाल के दौरान भी डिब्रूगढ़ से जहाजों के चलने का रिकॉर्ड रहा है, जिसके लिए डिब्रूगढ़ के मोहनघाट के समीप ऐतिहासिक जहाज घाट हुआ करता था। अंग्रेज मुख्य रूप से व्यावसायिक क्षेत्रों में जहाजों का उपयोग करते थे, लेकिन बाद में यह जल परिवहन सेवा बंद हो गई थी। अब एक बार फिर नए क्षितिज का सूत्रपात करते हुए बोगीबिल से मालবাহী जहाजों की नियमित आवाजाही शुरू हो रही है, जिससे क्षेत्र के व्यापार और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। (रिपोर्ट: डिब्रूगढ़ से दिनेश दास)



