विधायक के लगातार चार कार्यकाल पूरे होने के बावजूद, तिनसुकिया जिले के अंतर्गत सदिया विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। काकपथर के हाँहखाटी गंधईगुड़ी और लांगफाई इकराजन गांव के निवासी आज भी जर्जर सड़कों के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र की बदहाल स्थिति ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेष रूप से आदिवासी बहुल लांगफाई इकराजन गांव के लगभग 60 परिवार एक किलोमीटर से अधिक की उस जर्जर सड़क पर निर्भर हैं, जहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीमारों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली छात्रों को इस कीचड़ भरी सड़क से होकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सत्ताधारी भाजपा के स्थानीय नेताओं के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीब परिवारों से धन की उगाही भी की गई है।
क्षेत्रीय विधायक बोलिन चेतिया के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि आसपास की कई अन्य सड़कों का शिलान्यास और उद्घाटन तो किया गया, लेकिन लांगफाई इकराजन की इस महत्वपूर्ण सड़क की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। विकास कार्यों में इस भेदभावपूर्ण रवैये से गांव की महिलाएं बेहद आक्रोशित हैं।
बढ़ते आक्रोश के बीच, ग्रामीणों और विशेषकर महिला समूहों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे पूरी तरह से मतदान का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि “रोड नहीं तो वोट नहीं” के संकल्प के साथ वे इस बार अपने लोकतांत्रिक विरोध को दर्ज कराएंगे।



